प्रधान संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने रखा प्रशासक बनाने का प्रस्ताव, सर्वसम्मति से हुआ पारित।
झुंझुनूं. जिला परिषद के इस कार्यकाल की शुक्रवार को आखिरी बैठक थी। बैठक जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि की अध्यक्षता में हुई। जिसमें सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार, झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू तथा पिलानी विधायक पितरामसिंह काला तथा जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में प्रधान संघ के प्रदेश अध्यक्ष व नवलगढ़ प्रधान दिनेश सुंडा ने सरपंचों की तरह प्रधानों और जिला प्रमुखों का कार्यकाल बढाकर उन्हें प्रशासक बनाने का प्रस्ताव रखा। जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया। प्रधान दिनेश सुंडा की बात पर जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि ने सहमति जताते हुए कहा कि बिना जनप्रतिनिधियों के आमजन की आवाज पंचायत समितियों और जिला परिषद में नहीं रखी जा सकती। इसलिए उन्होंने सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही। प्रमुख रूप से इस प्रस्ताव का बैठक में मौजूद अलसीसर प्रधान घासीराम पूनियां, खेतड़ी प्रधान मनीषा गुर्जर, चिड़ावा प्रधान रोहिताश्व धांगड़, पिलानी प्रधान बिरमा देवी, सूरजगढ़ प्रधान बलवान सिंह व बुहाना प्रधान हरिकृष्ण यादव ने किया। सुंडा ने इस मौके पर नवलगढ़ पंचायत समिति में प्रस्तावित मिनी सचिवालय का काम पूरा करवाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि सिर्फ 10—20 प्रतिशत काम शेष है। जिसे एक साल से पूरा नहीं किया जा रहा। साथ ही बारिश के मौसम के बाद सड़कों के दोनों ओर खड़े झाड़ झंगाड़ और छोटे पेड़ों को हटाने की मांग रखी। जिस पर जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि ने पीडब्लूडी अधिकारियों को जंगल कटिंग के निर्देश दिए। सुंडा ने पंचायत समिति नवलगढ़ के सामने से गुजर रही आरएसआरडीसी की सड़क से पानी निकासी का स्थायी समाधान करने की मांग भी की। सुंडा ने कहा कि आरएसआरडीसी ने टोल रोड बना दी। सालों से टोल वसूला जा रहा है। लेकिन नवलगढ़ पंचायत समिति के सामने ड्रेनेस की कोई व्यवस्था नहीं की। जिससे आए दिन पानी जमा रहता है। बारिश के दिनों में जाम जैसी स्थिति हो जाती है।

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